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Barmer district

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बाड़मेर राजस्थान राज्य के दूसरे सबसे बड़े ज़िले, बाड़मेर ज़िले, का मुख्यालय है। यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े तेल और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। इस शहर की स्थापना बहाड़ राव ने 13वीं शताब्दी में की थी। उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम बाड़मेर पड़ा यानि बार का पहाड़ी किला। एक समय ‘मालाणी' के नाम से जाना जाने वाला बाड़मेर अपनी जीवंतता के कारण सैलानियों को बहुत भाता है। बाड़मेर की यात्रा की एक विशेषता यह भी है कि यह हमें राजस्थान के ग्रामीण जीवन से रूबरू कराता है। यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाले गांव, पारंपरिक पोशाकें पहने लोग और रेत पर पड़ती सुनहरी धूप, बाड़मेर की यह मनोरम छवि आंखों में बस जाती है। मार्च के महीने में पूरा बाड़मेर रंगों से भर जाता है क्योंकि वह वक्त ‘बाड़मेर महोत्सव’का होता है। यह समय यहां आने का सबसे सही समय है। समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) देश  भारत राज्य राजस्थान ज़िला बाड़मेर जनसंख्या 83,517 (2001 के अनुसार ) क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) • 227 मीटर (745 फी॰) विभिन्न कोड • पिनकोड • 344001 • दूरभाष • +02982...

पावापुरी तीर्थ

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पावापुरी तीर्थ माउंट आबू की पहाड़ियों के नीचे चंद्रावती नगरी में स्थित 7वीं शताब्दी के विख्यात जैन मंदिर 'मीरपुर' के निकट आबुगौड पट्टी में नूतन व विशाल पावापुरी तीर्थधाम जिनालय का निर्माण हुआ है। इसकी प्राण-प्रतिष्ठा 7 फ़रवरी 2001 को जैनाचार्य श्रीमद्विजय कलापूर्ण सूरीश्वरजी म.सा. के कर कमलों से विशाल साधु-साध्वी समुदाय की उपस्थिति में हुई थी। समारोह का शुभारंभ 29 जनवरी से होगा। इस भव्य मंदिर का निर्माण मालगाँव के दानवीर परिवार संघवी पूनमचंद धनाजी बाफना परिवार के ट्रस्ट के.पी. संघवी चेरीटेबल ट्रस्ट द्वारा करवाया गया है। सिरोही जिला मुख्यालय से 22 कि॰मी॰ दूर सिरोही-मंडार-डीसा राजमार्ग पर यह मंदिर बना है। ट्रस्ट ने यहाँ 1 किलोमीटर क्षेत्र में 500 बीघा भूमि खरीदकर पहले भव्य गौशाला का निर्माण करवाया जिसमें अभी लगभग 3 हजार पशुओं का लालन-पालन आधुनिकतम तरीके से किया जा रहा है। जीवदया प्रेमी संघवी परिवार देश में किसी भी क्षेत्र में खुलने वाली गौशाला को अपने ट्रस्ट की ओर से 5 लाख रुपए प्रारंभिक सहायता के रूप में देता है। इस गौशाला का नियमित संचालन हो तथा अधिकाधिक व्यक्ति किस...

Mount Abu Information

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Information about Mount Abu माउंट अबू समुद्र तल से ऊपर 1,21 9 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है, राजस्थान के सुनसान भूमि में ओएसिस है और राजस्थान में एकमात्र हिल स्टेशन के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम भारत होने का सम्मान भी है, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ज्ञात है अरवली पर्वत में सबसे ऊंची चोटी पर हरे भरे वनों वाली पहाड़ियों के बीच स्थित इसके देवरिला जैन मंदिरों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी भारतीय राज्य राजस्थान के लिए ग्रीष्मकालीन राजधानी है, झीलों और हरे वनों, पहाड़ी वापसी, अपने समृद्ध वनस्पतियों के लिए एक बहुत ही शांत और सुखदायक जलवायु है, जिसमें पूरे ढाल को कवर किया गया है जिसमें शंकुधारी पेड़ों और फूलों के झुंड शामिल हैं। माउंट अबू, अपने क्लास-क्लास टूरिस्ट की सुविधा के साथ होटल से लेकर बजट वर्ग से लेकर तीन सितारा और विरासत तक एक महान छुट्टी से बच और हनीमून आकर्षण प्रदान करता है। हर साल 30 लाख से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक माउंट आबू की अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध वनस्पतियों और जीवों का आनंद लेते हैं और साथ ही साथ Delwara जैन मंदिरों की संगमरमर कला का दौरा करते हैं ...

मेहरानगढ़ का किला – Mehrangarh Fort in Jodhpur

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मेहरानगढ़ का किला – Mehrangarh Fort in Jodhpur Mehrangarh Fort in Jodhpur –   मेहरानगढ़ किला ( Mehrangarh Kila) में किले का इतिहास ( Mehrangarh Fort History) म्यूजियम ( Mehrangarh Fort And Museum) प्रवेश शुल्क ( Mehrangarh Fort Entry Fee) इत्यादि जानकारी देंगे. Post Index ·          मेहरानगढ़ किला   – Mehrangarh Kila o     मेहरानगढ़ का किला – Mehrangarh Fort in Jodhpur o     मेहरानगढ़ किले का संग्रहालय – Mehrangarh Fort and Museum o     मेहरानगढ़ किले की वास्तुकला – Mehrangarh Fort Architecture o     मेहरानगढ़ किले का इतिहास – Mehrangarh Fort History §   मेहरानगढ़ किले का समय – Mehrangarh Fort Timing §   मेहरानगढ़ किले का प्रवेश शुल्क – Mehrangarh Fort Entry Fee §   मेहरानगढ़ किले तक कैसे पहुँचे – How To Reach Mehrangarh Fort  मेहरानगढ़ का किला – Mehrangarh Fort in Jodhpur ·        ...